रायसेन में 95:95:99 एड्स सुरक्षा मिशन की समीक्षा बैठक संपन्न,
हाई रिस्क ग्रुप्स की टेस्टिंग और काउंसलिंग पर ज़ोर
मुख्य बिंदु:
- समीक्षा: मध्यप्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति (MPSACS) ने की रायसेन जिले की प्रगति की समीक्षा।
- फोकस: सिलवानी, उदयपुरा, बेगमगंज, सांची और मंडीदीप ब्लॉक में बढ़ाई जाएंगी आउटरीच गतिविधियां।
- लक्ष्य: संभावित एचआईवी संक्रमितों की शीघ्र पहचान और समय पर उपचार सुनिश्चित करना।
रायसेन, 25 जून 2026। मध्यप्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति (MPSACS) द्वारा जिले में ’95:95:99 एड्स सुरक्षा मिशन’ के अंतर्गत एचआईवी नियंत्रण एवं उच्च जोखिम समूहों (High Risk Group) में केस डिटेक्शन की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में राज्य स्तरीय अधिकारियों ने जिले की उपलब्धियों को जांचा और आगामी रणनीतियों पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
प्रभावी रणनीति और नियमित मॉनिटरिंग जरूरी: डॉ. बलवीर
बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित MPSACS के जॉइंट डायरेक्टर (JD) व स्टेट ऑफिसर डॉ. बलवीर ने जिले में संचालित गतिविधियों की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों और फील्ड स्टाफ को निर्देशित करते हुए कहा:
”95:95:99 मिशन के लक्ष्यों को समय पर हासिल करने के लिए फील्ड स्तर पर एक बेहद प्रभावी रणनीति और नियमित मॉनिटरिंग (निगरानी) अत्यंत आवश्यक है। सभी संबंधित विभाग और पार्टनर्स आपसी समन्वय से काम करें।”
इन ब्लॉकों में ‘Targeted Intervention’ को बनाया जाएगा मजबूत
बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले के प्रमुख ब्लॉकों—सिलवानी, उदयपुरा, बेगमगंज, साँची एवं मंडीदीप में उच्च जोखिम समूहों के बीच टारगेटेड इंटरवेंशन (TI) गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाना है। समीक्षा के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष चर्चा की गई और रणनीति बनाई गई:
- स्क्रीनिंग कवरेज: हाई रिस्क ग्रुप के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच बनाना।
- टेस्टिंग रेफरल: एचआईवी जांच की उपलब्धता और रेफरल सिस्टम को मजबूत करना।
- लिंकेज टू ट्रीटमेंट: पहचान में आए मामलों को तुरंत उपचार से जोड़ना।
- जागरूकता: समुदाय आधारित जागरूकता गतिविधियों में तेजी लाना।
TI NGO पार्टनर्स को दिए गए कड़े निर्देश
समीक्षा बैठक में संभावित संक्रमित व्यक्तियों की शीघ्र पहचान कर उन्हें समय पर इलाज मुहैया कराने पर जोर दिया गया। इसके लिए TI NGO पार्टनर्स को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे:
- फील्ड स्तर पर अपनी आउटरीच (पहुंच) गतिविधियों को बढ़ाएं।
- काउंसलिंग (परामर्श) व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करें।
- टेस्टिंग और स्क्रीनिंग के आंकड़ों में सुधार लाएं।
बैठक में ये रहे उपस्थित:
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में जिला क्षय अधिकारी डॉ. यशपाल बाल्यान, जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ. आरती गंगवार, सर्वोदय प्रोजेक्ट डायरेक्टर ब्रजेश राजपूत, दिशा कंसलटेंट स्वाति सहित आईसीटीसी (ICTC) का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।








