Friday, September 11, 2026
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संयुक्त राष्ट्र महासभा ने पास किया ऐतिहासिक प्रस्ताव

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27 नवंबर को मनाया जाएगा ‘बाल एवं जबरन विवाह अंत दिवस’

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने पास किया ऐतिहासिक प्रस्ताव 


नई दिल्ली/न्यूयॉर्क:
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने बाल, कम उम्र और जबरन विवाह की कुप्रथा को जड़ से खत्म करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। 4 सितंबर को पारित एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव के तहत अब हर साल 27 नवंबर को बाल, कम उम्र और जबरन विवाह अंत करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस” (International Day to End Child, Early and Forced Marriage)** के रूप में मनाया जाएगा।

2030 तक लक्ष्य: यह प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र के ‘सतत विकास लक्ष्य’ (SDG) के उस संकल्प को मजबूत करता है, जिसमें 2030 तक दुनिया भर से बाल विवाह की प्रथा को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
एक मंच मिलेगा: 27 नवंबर को यह विशेष दिन तय होने से दुनिया भर के देशों, नागरिक संगठनों और अंतरराष्ट्रीय निकायों को इस कुप्रथा के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने, अब तक हुई प्रगति की समीक्षा करने और इससे जुड़ी सामाजिक कमियों पर काम करने के लिए एक साझा मंच मिलेगा।
वैश्विक कानून और सुधार:यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कई देश बाल विवाह के खिलाफ कड़े कानून बना रहे हैं। कानूनी कमियों को दूर करते हुए विवाह की न्यूनतम आयु बिना किसी अपवाद के 18 वर्ष तय की जा रही है, जिससे बच्चों की सुरक्षा पुख्ता हो सके।
चुनौतियां अभी भी बरकरार: संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि गरीबी, आपसी संघर्ष, जलवायु परिवर्तन के झटके और बच्चों की शिक्षा में बाधा जैसी समस्याएं अभी भी वैश्विक प्रगति में बड़ी बाधा बनी हुई हैं, जिससे निपटने के लिए सरकारों को और अधिक तत्परता से काम करना होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस अंतर्राष्ट्रीय दिवस के घोषित होने से बाल विवाह के खिलाफ वैश्विक स्तर पर राजनीतिक इच्छाशक्ति और सामाजिक जागरूकता को और गति मिलेगी।

Universal Reporter
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