कृषक सहयोग संस्थान’ की दृढ़ इच्छाशक्ति से…..
टपराटोला आदिवासी बस्ती में महा-स्वास्थ्य शिविर से आई जीवन की नई उम्मीद

आयुष्मान भारत योजना, जरूरतमंद गंभीर रोगियों को मुफ्त इलाज का वरदान : डॉ. शालिनी सिंह
अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचे स्वास्थ्य सेवाओं की रोशनी: डॉ सेन
संस्था की अनूठी पहल: ‘कृषक सहयोग संस्थान’ (KSS) के प्रयासों से आदिवासी बाहुल्य टपराटोला के 210 जरूरतमंदों को मिला उच्चस्तरीय स्वास्थ्य लाभ।
विशेषज्ञों का महाकुंभ: आरकेडीएफ मेडिकल कॉलेज के 20 नामचीन डॉक्टरों ने एक ही छत के नीचे दी चिकित्सीय सेवाएं।
सामाजिक सरोकार: स्वास्थ्य जाँच के साथ पर्यावरण संरक्षण (पौधरोपण) और ‘नशा मुक्ति’ का मजबूत संकल्प।
संबल बनी योजना: गंभीर रोगियों को ‘आयुष्मान भारत योजना’ के तहत मुफ्त इलाज की प्रक्रिया से जोड़ा गया।
रायसेन।रायसेन की आदिवासी बस्ती में स्वास्थ्य क्रांति जहाँ बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं का पहुँचना अक्सर एक चुनौती माना जाता है, वहीं रायसेन जिले की आदिवासी बाहुल्य श्रमिक बस्ती टपराटोला में शनिवार को उम्मीदों का नया सवेरा हुआ। ‘कृषक सहयोग संस्थान’ (KSS) की सक्रिय भूमिका और दृढ़ इच्छाशक्ति के चलते यहाँ एक विशाल महा-स्वास्थ्य शिविर का सफल आयोजन किया गया, जिसने यह साबित कर दिया कि सही दिशा में किए गए प्रयास वंचित तबके की तकदीर बदल सकते हैं।
एकीकृत माध्यमिक शाला प्रांगण में आयोजित इस शिविर में पठारी पंचायत के 210 से अधिक मरीजों ने स्वास्थ्य लाभ लिया। इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि कृषक सहयोग संस्थान के समन्वय से आरकेडीएफ मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के 20 विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने सुदूर ग्रामीण इलाके में आकर अपनी सेवाएं दीं।
संस्था की दूरदर्शिता: एक छत के नीचे मिला हर मर्ज का इलाज
टपराटोला जैसी श्रमिक बस्तियों में अक्सर लोग छोटी-मोटी बीमारियों को नजरअंदाज करने के लिए विवश होते हैं, क्योंकि जिला अस्पताल या बड़े केंद्र दूर पड़ते हैं। कृषक सहयोग संस्थान (KSS) ने इस अंतराल को पाटते हुए जनरल मेडिसिन, बाल रोग, जनरल सर्जरी, नेत्र रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, ऑर्थोपेडिक्स, ईएनटी और त्वचा रोग के वरिष्ठ विशेषज्ञों को सीधे बस्ती के द्वार तक पहुँचाया।
आयुष्मान योजना निर्धन रोगियों के लिए वरदान:
शिविर के दौरान आरकेडीएफ की विभाग प्रभारी डॉ. शालिनी कपूर के मार्गदर्शन में जरूरतमंदों की पहचान की गई। जिन मरीजों को गंभीर बीमारियों या ऑपरेशन की आवश्यकता थी, उन्हें शासन की ‘आयुष्मान भारत योजना’ के तहत पूरी तरह निःशुल्क इलाज प्राप्त करने की प्रक्रिया समझाई गई, जिससे गरीबों के चेहरे पर राहत की मुस्कान लौट आई।
स्वास्थ्य के साथ सामाजिक बदलाव की बयार
स्वास्थ्य शिविर संयोजक अनिल भवरे ने बताया कि कृषकक सहयोग संस्थान ने केवल चिकित्सीय जाँच तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि समाज सुधार के मोर्चे पर भी एक सशक्त उदाहरण पेश किया:
पर्यावरण संरक्षण: शिविर के समापन पर संस्थान के पदाधिकारियों, डॉक्टरों, स्कूल के प्राचार्य वीरेंद्र सक्सेना और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने मिलकर स्कूल परिसर में औषधीय और फलदार पौधे रोपे।
नशा मुक्ति अभियान: केएसएस के जिला समन्वयक अनिल भवरे के नेतृत्व में मध्य प्रदेश पुलिस विभाग के “नशे से मुक्ति है जरूरी” अभियान के अंतर्गत ग्रामीणों को जागरूक किया गया। इस दौरान सभी डॉक्टरों शिक्षकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने मिलकर समाज को नशा मुक्त बनाने का संकल्प लिया।

”वंचितों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है संस्थान”
आयोजन के सफलता पर अपने विचार रखते हुए कृषक सहयोग संस्थान के निदेशक डॉ. एच.बी. सेन ने कहा:
“सरकार हर व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है, और इस ध्येय को धरातल पर उतारने में जब स्थानीय संस्थाएं आगे आती हैं, तो बदलाव निश्चित होता है। आरकेडीएफ और जिला प्रशासन के सहयोग से हमने टपराटोला के शोषित और वंचित वर्ग तक पहुँच बनाई है। कृषक सहयोग संस्थान आगे भी ऐसे सेवा प्रकल्प निरंतर जारी रखेगा।”
शिविर को सफल बनाने में आरकेडीएफ की विभाग प्रमुख डॉ. शालिनी कपूर, के एस एस के निदेशक डॉ. एच.बी. सेन, जिला समन्वयक अनिल भवरे, शिक्षक,मनोहर सिंह राजपूत, सुनीता वेदी (आंगनवाड़ी कार्यकर्ता), संस्था के राजकुमार साहू, शिवनारायण सराठे और मोनिका ठाकरे की अहम् भूमिका रही। साथ ही, आरकेडीएफ के 20 से अधिक विशेषज्ञ चिकित्सकों की समर्पित टीम ने पूरे दिन अपनी सेवाएं देकर शिविर को ऐतिहासिक बना दिया।







