बाल विवाह-शोषण रोकने वाली कटिंग्स से प्रभावित हुए कलेक्टर-एसपी, सर्वाइवरों को रोजगार का वादा

केएसएस की पहल:वृद्ध विधिक साक्षरता शिविर में बाल अधिकारों पर जागरूकता प्रदर्शनी, अधिकारियों ने सराही संस्था की भूमिका
बाल विवाह-यौन शोषण मुक्त अभियान में कटिंग्स दिखाकर संस्था ने अपनी उपलब्धियां प्रदर्शित कीं,
कलेक्टर ने सर्वाइवर महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के निर्देश दिए

मंडीदीप। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायसेन और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में जिला न्यायालय परिसर रायसेन में वृहद विधिक साक्षरता एवं सेवा प्रदर्शनी का आयोजन हुआ। यहां शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई और पात्र हितग्राहियों का पंजीकरण कर उन्हें लाभांवित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य अनिल कुमार सोहाने ने किया। कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा व एसपी आशुतोष गुप्ता ने स्टॉलों का निरीक्षण किया।
कृषक सहयोग संस्थान (केएसएस) की अग्रणी भूमिका
इस शिविर में केएसएस ने ‘बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ के तहत विशेष स्टॉल लगाया। संस्था ने बाल अधिकारों की पैरवी, बाल विवाह, बाल यौन शोषण, बाल तस्करी व बाल श्रम रोकने वाले कानूनों के क्रियान्वयन में अपनी भूमिका को समाचार पत्रों की कटिंग्स के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया। स्टॉल पर संस्था की उपलब्धियां—जैसे पीड़ितों को निशुल्क विधिक सहायता, सर्वाइवर नेटवर्क का निर्माण व समुदायिक जागरूकता स्पष्ट रूप से दिखाई गईं।
निदेशक डॉ. एच.बी. सेन ने अधिकारियों को संस्था के कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। कलेक्टर ने सर्वाइवर नेटवर्क की महिलाओं से बातचीत कर उन्हें रोजगार से जोड़ने के निर्देश दिए। एसपी आशुतोष गुप्ता ने बच्चों के सृजनात्मक कार्यक्रमों, समुदायिक पुलिसिंग व अपराध रोकथाम में संस्था की सहभागिता की खूब सराहना की। प्रधान न्यायाधीश, कलेक्टर, एसपी व डीएफओ ने संस्था की प्रचार सामग्री व मीडिया कवरेज देखकर उसके प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
संस्था के शिवनारायण सराठे, राजकुमार शाहू व निखिल सेन ने कार्यों का विवरण साझा किया। सर्वाइवर नेटवर्क की महिलाओं ने भी केएसएस के सहयोग की सराहना की। इस प्रदर्शनी ने केएसएस को बाल अधिकारों के क्षेत्र में अग्रणी संस्था के रूप में स्थापित किया।







