बाल श्रम के खिलाफ CRY की बड़ी पहल:
भोपाल में ‘रेड कार्ड टू चाइल्ड लेबर’ अभियान की शुरुआत
विशेष संवाददाता, भोपाल। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर, बच्चों के अधिकारों के लिए काम करने वाली प्रतिष्ठित संस्था चाइल्ड राइट्स एंड यू (CRY) ने श्रम विभाग के साथ मिलकर एक अनूठे और राष्ट्रव्यापी अभियान “रेड कार्ड टू चाइल्ड लेबर” का शंखनाद किया है। फुटबॉल के खेल में अनुचित व्यवहार के लिए दिए जाने वाले ‘रेड कार्ड’ को आधार बनाकर शुरू किया गया यह अभियान समाज से बाल श्रम को पूरी तरह बाहर करने (आउट करने) की वकालत करता है।
फुटबॉल के रूपक से दिया बड़ा संदेश
मैदान पर जिस तरह नियमों का उल्लंघन करने वाले खिलाड़ी को रेड कार्ड दिखाकर बाहर कर दिया जाता है, ठीक उसी तरह समाज में बाल श्रम को अस्वीकार्य बनाने के लिए यह रूपक चुना गया है। अभियान का मुख्य उद्देश्य हर बच्चे के लिए शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानजनक बचपन का अधिकार सुनिश्चित करना है।
“बाल श्रम का उन्मूलन एक साझा जिम्मेदारी” — सोहा मोइत्रा
अभियान के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए CRY की उत्तर क्षेत्रीय निदेशक सोहा मोइत्रा ने कहा:
”रेड कार्ड एक सार्वभौमिक प्रतीक है, जो यह दर्शाता है कि क्या अस्वीकार्य है। इस अभियान के माध्यम से हम समाज से बाल श्रम के खिलाफ स्पष्ट और ठोस रुख अपनाने की अपील कर रहे हैं। हर बच्चे को सीखने, खेलने और सुरक्षित वातावरण में आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए। बाल श्रम का उन्मूलन केवल नैतिक आवश्यकता नहीं, बल्कि एक साझा जिम्मेदारी है, जिसके लिए हर स्तर पर सामूहिक कार्रवाई जरूरी है।”
उन्होंने आगे जोड़ा कि इस अभियान के जरिए सिर्फ जागरूकता ही नहीं फैलाई जा रही, बल्कि समाज के हर वर्ग से ठोस कदम उठाने की उम्मीद की जा रही है। माता-पिता का बच्चों को स्कूल भेजने का संकल्प और स्थानीय नेतृत्व का सक्रिय हस्तक्षेप ही इस कुप्रथा को जड़ से मिटा सकता है।
भोपाल में जमीन पर उतरीं गतिविधियाँ
भोपाल में टास्क फोर्स लेबर विभाग, CRY और श्रम विभाग के साझेदारों के सहयोग से व्यापक स्तर पर सामुदायिक एवं जन-संपर्क गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जा रहे हैं:
- रेड कार्ड इंस्टॉलेशन: प्रमुख स्थानों पर कलाकृतियों और प्रतीकों के जरिए लोगों का ध्यान खींचा जा रहा है।
- सामुदायिक कार्यक्रम व शपथ: स्थानीय स्तर पर परिवारों और नागरिकों को बाल श्रम के खिलाफ शपथ दिलाई जा रही है।
- स्कूलों में जागरूकता: भोपाल के विभिन्न स्कूलों में विशेष सभाओं और छात्र गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को बाल अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
- फुटबॉल मैच व स्वयंसेवी भागीदारी: खेल के माध्यम से युवाओं को इस मुहिम से जोड़ने के लिए दोस्ताना फुटबॉल मैचों का आयोजन किया जा रहा है।
CRY और श्रम विभाग की यह संयुक्त पहल केवल एक सरकारी या गैर-सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक जन-आंदोलन बनने की दिशा में अग्रसर है। अब समय आ गया है कि समाज का हर नागरिक सजग बने और बाल श्रम को ‘रेड कार्ड’ दिखाकर बच्चों का भविष्य सुरक्षित करे।








