Monday, October 26, 2026
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2030 से पहले साकार होगा बाल विवाह के खात्मे का सपना

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गांधी जयंती पर ऐतिहासिक पहल: 

2.42 लाख से अधिक ग्राम सभाओं ने लिया ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ का संकल्प

कृषक सहयोग संस्थान ने किया स्वागत कहा–2030 से पहले साकार होगा बाल विवाह के खात्मे का सपना

बाल विवाह मुक्त भारत अभियान अंतर्गत ग्राम पंचायतों में पारित निर्णय की जानकारी देते कृषक सहयोग संस्थान के निदेशक डॉक्टर एच बी सेन और जिला समन्वयक अनिल भवरे

रायसेन। गांधी जयंती के अवसर पर देशभर की ग्राम पंचायतों में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा को जड़ से मिटाने के लिए एक नया इतिहास रचा गया। केंद्र सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और पंचायती राज मंत्रालय के निर्देश पर देश की 2.42 लाख से अधिक विशेष ग्राम सभाओं में ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ का संकल्प लिया गया और गांवों को बाल विवाह मुक्त बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया। बाल संरक्षण के क्षेत्र में रायसेन में कार्यरत कृषक सहयोग संस्थान (KSS) ने सरकार और जिला प्रशासन की इस संयुक्त पहल का पुरजोर स्वागत किया है।

समाज के एकजुट होने से आएगा बड़ा बदलाव: डॉ. एच.बी. सेन

कृषक सहयोग संस्थान के निदेशक डॉ. एच.बी. सेन ने इस पहल को मील का पत्थर बताते हुए कहा:”जब पूरा गांव और समाज एकजुट होकर किसी कुप्रथा के खिलाफ खड़ा होता है, तब बदलाव की गति दोगुनी हो जाती है। केंद्र सरकार और जिला प्रशासन का यह कदम हर बेटी को उसका बचपन और सपने जीने का अधिकार देगा। इस जन-भागीदारी से वर्ष 2030 से पहले ही बाल विवाह मुक्त भारत का सपना साकार हो जाएगा।”

782 जिलों में सक्रिय है जेआरसी नेटवर्क

कृषक सहयोग संस्थान, ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन’ (JRC) का सहयोगी संगठन है। जेआरसी देश के सभी 782 जिलों में 300 से अधिक नागरिक समाज संगठनों के साथ मिलकर बाल विवाह के उन्मूलन के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रहा है।

संस्था के जिला समन्वयक अनिल भवरे ने कहा कि ग्राम सभाओं में स्थानीय निवासियों, जनप्रतिनिधियों और पंचायत कर्मियों की सक्रिय भागीदारी से इस अभियान को नई ताकत मिली है। संस्थान अब और अधिक उत्साह के साथ सरकार और प्रशासन के कदम से कदम मिलाकर इस मुहिम को आगे बढ़ाएगा।

Universal Reporter
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