सरपंचों ने गठित किये बाल विवाह निगरानी दल
बाल विवाह मुक्त भारत अभियान में होगी सबकी भागीदारी
जिले में एक भी बाल विवाह न होने पाए इसके लिए सतर्क रहेंगें निगरानी दल

रायसेन। बाल विवाह मुक्त भारत अभियान अंतर्गत जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने सरपंचों ने निगरानी दलों का गठन किया। आज निगरानी दलों की सूचना सांची और गैरतगंज जनपद पंचायत को सौपी गई। निगरानी दल में 10 से 15 सदस्य हैं जो विवाह महूर्त तक गांव में एक भी बाल विवाह न हो इसकी निगरानी करेंगें। यदि कहीं बाल विवाह होता पाया गया या बाल विवाह होने की संभावना हुई तो दल के सदस्य इसकी जानकारी संबंधित विभाग को देने के लिए अधिकृत हैं। सांची जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी बन्दू सूर्यवंशी ने सरपंचों के इस कार्य की सराहना की।
19 पंचायतों के सरपंचों ने सौपें पत्र-
सांची जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी बन्दू सूर्यवंशी ने सरपंचों के इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि गांव में कहीं भी यदि कोई बाल विवाह की जानकारी हो तो सूचना दें,हम स्वयं दल के साथ बाल विवाह रोकने पहुंचेगें। उन्होंने कृषक सहयोग संस्थान की भी सराहना की जिन्होंने सांची ब्लॉक के 50 गावो में बाल विवाह के प्रति जनजागरण का कार्य किया।
जनजागरण के साथ करेंगें निगरानी-
रायसेन जिले को बाल विवाह मुक्त बाल हितैषी आदर्श ग्राम बनाने कार्यरत कृषक सहयोग संस्थान के जिला समन्वयक अनिल भवरे ने बताया कि कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन और बचपन बचाओ आंदोलन के साथ संस्थान जिले के 150 गांवों में कार्यरत है। आज सरपंच स्वयं जगरूक होकर बाल विवाह रुकवाने में सहयोग कर रहे हैं। सांची जनपद पंचायत में सरपंच खुमान सिंह सलेरा,छोटी बाई परवलिया,रंजीत लोधी चांदना,प्रमिला लोधी पगनेस्वर,मीना मुकेश बघेल सनखेड़ी,ब्रजेश जाट मेढ़की,कमल सिंह बैरागी सदालतपुर,खिम्मो बाई बनखेड़ी,अरविंद सिंह लबेरिया उचेर, प्रेम बाई गुलगाव आदि सरपंचों ने निगरानी दल गठित कर बाल विवाह रोकने का संकल्प लिया।








