आदर्श बाल हितैषी ग्राम का आधार सशक्त बाल संरक्षण समिति
VCPC करेंगी बाल अधिकारों की रक्षा
ग्राम सुरक्षा चक्र को मजबूत करने से होगी बाल श्रम,बाल तस्करी और शोषण की रोकथाम

मंदीदीप। बाल अधिकारों के संरक्षण,और न्याय दिलाने अंतर्राष्ट्रीय बाल अधिकार कार्यकर्ता भुवन विभु के मार्गदर्शन में एक्सेस टू जस्टिस विश्व के 100 देशों मे कार्यरत है। रायसेन जिले में एक्सेस टू जस्टिस की सहयोगी संस्था कृषक सहयोग संस्थान बाल हितेषी ग्राम बनाने शासन के मार्गदर्शन में जिले में कार्यरत है। इस उद्देश्य से गुरुवार को ग्रामीण क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक आयोजित की गई बैठक में बाल हितैषी ग्राम बनाने के लिए ग्राम स्तरीय बाल संरक्षण समितियां के गठन की प्रक्रिया और उनके सशक्तिकरण पर चर्चा की गई।
केएसएस के जिला समन्वयक अनिल अनिल भवरे ने बताया कि ग्राम बाल संरक्षण समितियां गांव में बाल सुरक्षा घेरे को मजबूत कर बाल विवाह बाल यौनशोषण बाल तस्करी और बाल श्रम को रोक सकेंगी। यह समिति ही बाल हितेषी आदर्श ग्राम बनाने का आधार बनेंगी।
उन्होंने जोर दिया कि ग्राम स्तर पर बनाई जाने वाली ये बाल संरक्षण समितियां बच्चों को उनके कानूनी अधिकार दिलाने और उन्हें हर प्रकार के शोषण व खतरों से सुरक्षित रखने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
उन्होंने नगर व ग्राम बाल संरक्षण समिति (VLCPC) के मुख्य उद्देश्य और लाभ की जानकारी देते हुए बतलाया कि ग्राम स्तर पर गठित होने वाली बाल संरक्षण समिति बच्चों के कल्याण और सुरक्षा के लिए एक मजबूत सुरक्षा चक्र का काम करती है। यह समितियां अपने क्षेत्र में बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण के साथ उनके शिक्षा स्वास्थ्य और बाल विवाह की रोकथाम:गांव में होने वाले बाल विवाहों की गुप्त या प्रत्यक्ष जानकारी समय रहते जुटाना और उन्हें कानूनी व सामाजिक रूप से रोकना।
समितियां कार्य बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और उनके बुनियादी कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें सुनिश्चित कराना। गांव में बाल श्रम, बाल तस्करी और बच्चों के किसी भी प्रकार के शोषण पर पैनी नजर रखना तथा दोषियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई में सहयोग करना। अनाथ, बेसहारा, पीड़ित या संकट में फंसे बच्चों की पहचान कर उन्हें उचित संरक्षण और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना। अभिभावकों और ग्रामीणों के बीच बच्चों के अधिकारों, सुरक्षा और बाल विवाह के दुष्प्रभावों के प्रति संवेदनशीलता व जागरूकता बढ़ाना।
बाल संरक्षण से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति या शिकायत पर तुरंत स्थानीय प्रशासन और महिला बाल विकास विभाग के साथ तालमेल बिठाकर त्वरित सहायता प्रदान करना है।
इस अवसर पर सुपरवाईज मनीषा सांवले, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ममता नागर दाहोद, शकुंतला इमलिया गोंडी, सुनीता शर्मा नूरगंज, अंगूरी तोमर बरखेड़ा, रेखा राठौर मुंडला, वंदना लोधी समनापुर सहित 21 ग्रामणी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने बाल विवाह मुक्त भारत बनाने संकल्प लिया।








