2030 तक बाल विवाह मुक्त भारत का संकल्प
बाल विवाह मुक्त जिला बनाने के लिए धर्म गुरुओं का आह्वान
लोगों को जागरूक कर रोके जा सकेंगें बाल विवाह-डॉ सेन

रायसेन।बाल विवाह मुक्त भारत अभियान अंतर्गत अक्षय तृतीया पर एक भी बाल विवाह न हो इस उद्देश्य से एक्सेस टू जस्टिस की जिले में सहयोगी संस्था कृषक सहयोग संस्थान ने प्रेस वार्ता आयोजित की। कलेक्ट्रेड कार्यालय के स्वाद संगम परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में संस्था के निदेशक डॉ एच बी सेन ने बताया कि शासन प्रशासन के साथ मिलकर बाल विवाह रोकना हम सब की जिम्मेदारी है। जागरूकता से ही बाल विवाह विवाह जैसी सामाजिक बुराई को खत्म किया जा सकता है। तभी हम 2030 तक बाल विवाह मुक्त भारत बना सकेंगें। जिला समन्वयक अनिल भवरे ने बताया कि 30 को अक्षय तृतीया है इसमें एक भी बाल विवाह न हो इसके लिये धर्मगुरुओं से भी बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई और कानून अपराध को रोकने धर्मगुरुओं से आह्वान कराया जा रहा है।
प्रचार रथ के साथ निगरानी दल सक्रिय-
जानकारी देते हुए संस्था के जिला समन्वयक अनिल भवरे ने बताया कि एक्सेस टू जस्टिस परियोजना के अंतर्गत संस्था पिछले 2 वर्षों से बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की जिले में सहयोगी संस्था है। उन्होंने बताया कि अक्षय तृतीया पर अबूझ महूर्त होने के कारण बड़ी संख्या में विवाह होते हैं। ऐसे में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम का उलंघन कर बाल बाल विवाह करने की सम्भवना रहती है।
इस अबूझ महूर्त पर होने वाले विवाहों में कहीं भी बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम का उल्लंघन ना हो। साथ ही जिले में कहीं भी कोई बाल विवाह ना हो शासन प्रशासन के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करना हम सब की जिम्मेदारी है। कानून की जानकारी और प्रचार प्रसार से ही बाल विवाह जैसी बुराई को खत्म किया जा सकता है।
प्रचार रथ देगा कानून की जानकारी-
जिला समन्वयक ने बताया संस्था द्वारा जिले में बाल विवाह मुक्त प्रचार रथ भी चलाया जा रहा है। जो गांव गांव पहुंच कर लोगों को जगरूक करेगा। यदि कहीं बालिका की उम्र 18 वर्ष से कम और बालक की उम्र 21 वर्ष से कम होने की संभावना हो तो बाल विवाह रोका जाए। ऐसी स्थिति में इसकी सूचना 1098,112 फोन नंबर पर या संबंधित बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी,महिला बाल विकास,स्थानीय थाना पुलिस या एक्सेस टू जस्टिस परियोजना की जिले में सहयोगी संस्था कृषक सहयोग संस्थान को दें।








