Friday, April 17, 2026
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शिव के दिव्य प्रकाश में दमकता ‘महादेव’ महोत्सव:

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शिव के दिव्य प्रकाश में दमकता ‘महादेव’ महोत्सव:

भोजपुर में लोक रंगों और शास्त्रीय सुरों का अनोखा संग

भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन रायसेन के सहयोग से भोजपुर के ऐतिहासिक मंदिर परिसर में महाशिवरात्रि पर आयोजित तीन दिवसीय ‘महादेव’ भोजपुर महोत्सव का दूसरा दिन नृत्य, संगीत और लोक परंपराओं की छटा से सराबोर रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु, श्रोता और दर्शक उपस्थित हुए।
कलाकारों का स्वागत उप संचालक संस्कृति डॉ. पूजा शुक्ला और भोजपुर मंदिर के महंत श्री पवन गिरी महाराज ने पुष्पगुच्छ भेंटकर किया।
दूसरे दिन की शुरुआत बघेली लोकगायन से हुई। भोपाल की सुश्री शीला त्रिपाठी और साथियों ने सुमधुर स्वरों में भगवान शिव की महिमा गाई। ‘गौरी गणेश मनाऊं…’, ‘तप करत उमा जी आज…’, ‘मोरे अंगना मा आये भोलेनाथ…’, ‘चली भोले की बरतिया हिमांचल नगरी…’ और ‘गउरा का ब्याहन आये महादेव…’ जैसे गीतों ने महाशिवरात्रि की अलौकिकता बिखेरी।
अंत में ‘भोला मॉगय गवनवा होली मा…’ से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।इसके बाद शिव-केंद्रित नृत्यनाटिका की मनमोहक प्रस्तुति हुई। भोपाल की सुश्री आकृति जैन और आठ नृत्यांगनाओं ने कथक शैली में रूपक ताल पर अर्धनारीश्वर कथा, ‘शिवोहम’, शिव-सती प्रसंग, दक्ष यज्ञ, शिव-पार्वती विवाह और शिव तांडव स्तोत्रम दिखाया। अद्वैत वेदांत की भावना को जीवंत कर दिया।
महोत्सव का समापन मुम्बई की सुविख्यात गायिका सुश्री महालक्ष्मी अय्यर और साथियों की सुगम संगीत प्रस्तुति से हुआ। ‘शिव कैलाशों के वासी…’, ‘नमो नमो शंकरा…’, ‘शिव तांडव स्तोत्रम्’ और ‘बम लहरी…’ जैसे भक्ति गीतों ने शास्त्रीयता और आधुनिकता का सुंदर संगम रचा। लोकप्रिय रचनाओं से परिसर शिवमय हो गया।
Universal Reporter
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