पुलिस ने व्यापारियों को दिए सुरक्षित बैंकिंग के टिप्स
फेक पेमेंट स्क्रीनशॉट से रहे सावधान,
सस्ते लोन का लालच अज्ञात लिंक से दूरी ही आपको साइबर ठगी से बचाएगी।
मंडीदीप। ऑनलाइन बिजनेस और डिजिटल लेन-देन के इस दौर में जहां व्यापार आसान हुआ है, वहीं साइबर अपराधियों का खतरा भी तेजी से बढ़ा है। इसी को ध्यान में रखते हुए मंडीदीप पुलिस द्वारा क्षेत्र में साइबर क्राइम से बचने के लिए एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
इस अभियान के अंतर्गत रात 8:30 बजे सकल व्यापारी संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित थाना प्रभारी रंजीत सराठे ने उपस्थित व्यापारियों को वर्तमान में ऑनलाइन होने वाले फ्रॉड और बैंकिंग धोखाधड़ी के तौर-तरीकों की विस्तार से जानकारी दी और उनसे सतर्क रहने की अपील की।
व्यापारियों को दी गई साइबर फ्रॉड की मुख्य जानकारियां और महत्वपूर्ण तथ्य:
थाना प्रभारी ने व्यापारियों को वर्तमान में चल रहे निम्नलिखित साइबर खतरों के प्रति आगाह किया और सुरक्षा के उपाय साझा किए:
फेक पेमेंट स्क्रीनशॉट से रहें सावधान: आजकल ठग दुकानों पर सामान खरीदने के बाद फर्जी पेमेंट ऐप के जरिए पैसे ट्रांसफर होने का झूठा स्क्रीनशॉट दिखा देते हैं। व्यापारी केवल स्क्रीनशॉट देखकर सामान न दें, बल्कि अपने बैंक खाते का बैलेंस या ‘साउंड बॉक्स’ की आवाज जरूर चेक करें।
लॉटरी, रिवॉर्ड प्वॉइंट्स और ‘सस्ते लोन’ का लालच: व्यापारियों को अक्सर उनके करंट या सेविंग अकाउंट पर सस्ते बिजनेस लोन या क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड प्वॉइंट्स का झांसा देकर कॉल आते हैं। बैंक कभी भी फोन पर गुप्त जानकारियां नहीं मांगता।
OTP और UPI पिन कभी शेयर न करें: कोई भी बैंक कर्मचारी आपसे फोन पर OTP या UPI पिन नहीं मांग सकता। UPI पिन का इस्तेमाल केवल पैसे भेजने के लिए होता है, पैसे प्राप्त करने के लिए नहीं।
अज्ञात लिंक और ऐप्स से दूरी: व्हाट्सऐप या एसएमएस पर आने वाले संदिग्ध लिंक (जैसे- बिजली बिल कटने या कूरियर पार्सल रुकने का मैसेज) पर क्लिक न करें।
बैठक को लेकर क्या बोले व्यापारी और संघ के अध्यक्ष?
इस जागरूकता सत्र के महत्व को रेखांकित करते हुए सकल व्यापारी संघ के पदाधिकारियों और व्यापारियों ने अपने विचार साझा किए:
”मंडीदीप पुलिस की यह पहल सराहनीय है; इस बैठक से व्यापारियों को डिजिटल लेन-देन के दौरान होने वाली चालाकियों को समझने और अपनी गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखने में बड़ी मदद मिलेगी।”— विमल जैन, अध्यक्ष, सकल व्यापारी संघ
“अक्सर हड़बड़ी में हम ग्राहक का सिर्फ स्क्रीनशॉट देखकर सामान दे देते थे, लेकिन आज पुलिस द्वारा दी गई इस जानकारी के बाद हम पूरी तरह सतर्क रहकर ही ऑनलाइन भुगतान स्वीकार करेंगे।” — स्थानीय व्यापारी
यदि फ्रॉड हो जाए, तो तुरंत क्या करें?
थाना प्रभारी रंजीत सराठे ने बैठक में व्यापारियों को त्वरित एक्शन लेने की सलाह देते हुए कहा कि यदि कोई साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो:
गोल्डन ऑवर (शुरुआती 1-2 घंटे) बेहद महत्वपूर्ण हैं। फ्रॉड होते ही तुरंत केंद्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं ताकि ठगी गई राशि को अपराधियों के खाते में ही फ्रीज कराया जा सके।
बैठक के अंत में सकल व्यापारी संघ सचिव राम शिवानी ने मंडीदीप पुलिस की इस पहल की सराहना की और संकल्प लिया कि वे स्वयं भी जागरूक रहेंगे तथा अपने साथी व्यापारियों व ग्राहकों को भी इस संबंध में सचेत करेंगे।








