बाल विवाह मुक्त भारत अभियान
- सांसद लता वानखेड़े ने दिखाई ‘जागरूकता रथ को हरी झंडी

बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति और अपराध है। संकल्प लें,न बाल विवाह करेंगें न होने देंगें- सांसद
सागर। बाल विवाह जैसी कुप्रथा के उन्मूलन के लिए ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के तहत जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन की साझेदारी में कृषक सहयोग संस्थान द्वारा आयोजित विशेष जागरूकता रथ को सांसद लता वानखेड़े ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर सांसद श्रीमती वानखेड़े ने हर वर्ग से इस सामाजिक अपराध के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “बाल विवाह एक कुरीति है, इससे मुक्ति का संकल्प लें। बेटियां बोझ नहीं, भविष्य का आधार हैं; उन्हें मंडप नहीं, स्कूल भेजें और उनके सपनों को पंख दें।” उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल विवाह पर प्राचीन काल से ही रोक है, लेकिन कुछ लोग लड़कियों को बोझ समझकर इसका दुरुपयोग करते हैं। यह अपराध है, जिसमें दो वर्ष की सजा और एक लाख रुपये का जुर्माना है।
कृषक सहयोग संस्थान के जिला समन्वयक नितिन सेन ने बताया कि रथ स्कूलों और ग्रामों में भ्रमण कर बाल विवाह न करने की शपथ दिलाएगा तथा इसके कानूनी व स्वास्थ्य दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाएगा।
रथ रवाना होते समय सभी उपस्थितजनों ने बाल विवाह रोकने की शपथ ली।कार्यक्रम में किशोर न्याय बोर्ड सदस्य चंद्रप्रकाश शुक्ला, बाल कल्याण समिति सदस्य अनिल रैकवार, सामाजिक कार्यकर्ता रेखा राजपूत, चंद्रप्रकाश जी, लक्ष्मी अवस्थी, हरनाम सिंह, प्रशांत सेन सहित बड़ी संख्या में समाजसेवी और गणमान्यजन मौजूद रहे।







