NHRC सदस्य प्रियंक कानूनगो ने किया ग्रामीणों से संवाद
–क्षेत्र से धर्मांतरण की आ रही थी लगातार शिकायतें -धर्मपरिवर्तन के लिए भ्रम-प्रलोभन जैसे मुद्दों पर की खुलकर चर्चा।
-संवैधानिक अधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों पर स्पष्ट दिया तथ्यपरक मार्गदर्शन -धर्मांतरण पर कानूनी मार्गदर्शन, अफसरों को सुविधा निर्देश
गौहरगंज। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने रविवार को विश्व हिंदू परिषद की अपील पर हनुमान घाट, गौहरगंज पहुंचकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। वे ग्रामीणों से मिले मानवाधिकारों धर्म परिवर्तन की शिकायतों पर व्यक्तिगक्त संवाद किया। कार्यक्रम में धर्मांतरण की शिकायतें, भ्रम-प्रलोभन जैसे मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई।
माननीय सदस्य ने संवैधानिक अधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों पर स्पष्ट तथ्यपरक मार्गदर्शन दिया। विस्तार से समझाया कि धार्मिक स्वतंत्रता का मतलब प्रलोभन या दबाव से धर्म परिवर्तन नहीं। इस तरह घर परिवर्तन के लिए प्रेरित करना नागरिक अधिकारों का उल्लंघन है।
उन्होंने शिक्षा संबंधित समस्याओं का समाधान बतलाया कहा ग्रामीण बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए स्थानीय स्तर पर प्रयास तेज करने की सलाह दी।
धर्मांतरण के मामले में कानूनी तरीके बतलाए कहा प्रलोभन या लालच देकर धर्मपरिवर्तन ऐसे मामलों में FIR दर्ज कराने के लिए कहा। उन्होंने FIR से लेकर अदालती प्रक्रिया तक की पूरी विधि बताई, ताकि भ्रम न फैले।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को बेसिक सुविधाएं जैसे बिजली, पानी, सड़क जैसी मूलभूत जरूरतों से वंचित न रखने के लिए एसडीएम व अन्य अफसरों को तत्काल निर्देश दिए।
इस अवसर पर एसडीएम चंद्रशेखर श्रीवास्तव, एसडीओपी शीला सुराणा, थाना प्रभारी सतलापुर विजय त्रिपाठी व गौहरगंज प्रभारी सहित जिम्मेदार अधिकारी उपस्थित रहे। विश्व हिंदू परिषद के सुरेंद्र कीर ने ग्रामीण भाइयों-बहनों से जागरूकता बढ़ाने व संवैधानिक मूल्यों की रक्षा की अपील की।








